Hot Posts

6/recent/ticker-posts

फिल्म अभिनेता संजय मिश्रा की जीवनी। Biography of Film Actor Sanjay Mishra

संजय मिश्रा का जन्म, बिहार के दरभंगा ज़िले में 6 अक्टूबर 1963 में हुआ था। इनके पिता जी का नाम शम्भुनाथ मिश्रा है जो कि एक पत्रकार है। इनकी परवरिश उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुई है।
फिल्म अभिनेता संजय मिश्रा की जीवनी, jivni.in

• इन्होंने अपनी शिक्षा वाराणसी से केंद्रीय विद्यालय बीएचयू कैम्पस से की पूरी की थी। इसके बाद इन्होंने बैचलर की डिग्री पूरी करने के बाद राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (National School Of Drama) में पएडमिशन लिया और सन साल 1989 में ग्रेजुएट हो गए।

• संजय मिश्रा की पत्नी का नाम किरण मिश्रा और उनकी दो बेटियाँ हैं। 

करियर की शुरुआत:

टीवी सीरियल में काम 

तकलीफों से गुज़र कर हासिल की कामयाबी।

 मुंबई आने के बाद केवल वड़ा पाव खाकर गुजारा करना पड़ा था। साल 1991 में टेलीविजन धारावाहिक जिसका नाम "चाणक्य" था से अभिनय की शुरुआत की और 1999 में 'एप्पल सिंह' के विज्ञापनों से लोकप्रियता हासिल की थी। उनके करियर को असली पहचान "ऑफिस ऑफिस" सीरियल में 'शुक्ला' नाम की भूमिका से मिली थी, जिस में यह कई प्रकार के रोल अदा करते थे लेकिन इस धारावाहिक की खासियत ये थी कि इसमें सभी कलाकारों के नाम एक ही होते थे चाहे वो किरदार कोई भी कर रहे हो, इसी कारण इनको शुक्ला के नाम से भी जाना जाता था।

फिल्मों में काम:

संजय मिश्रा ने कई फिल्मों में काम किया है।

1) "आंखों देखी" (2014),

2) "मसान" (2015), 

3) "फंस गए रे ओबामा" "

4) गोलमाल"

5) "थैंक्स मां"

6) "धमाल"

7) "प्रेम रतन धन पायो" जैसी अन्य हिट फिल्मों में काम किया है। "आंखों देखी" में उनके पज़बरदस्त काम के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।

•  संजय मिश्रा अपनी ज़बरदस्त कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं, इनकी कॉमेडी लोगों को बहुत ज़्यादा पसंद आती है।

• संजय मिश्र ने भारत की पहली (POV)यानी पॉइंट ऑफ़ व्यू तकनीक को लेकर बनी हिंदी फिल्म राखोश में मुख्य भूमिका निभाई है।

•  संजय मिश्रा ने अपने जीवन में बहुत ही परेशानियों का सामना किया है, जिनमें एक गंभीर पेट संक्रमण और अपने पिता जी की मृत्यु के बाद अभिनय छोड़ना शामिल था। इन सब के बाद वे ऋषिकेश चले गए और वहां एक ढाबे पर काम करने लगे थे। बाद में निर्देशक रोहित शेट्टी ने उन्हें "ऑल द बेस्ट" फिल्म में एक भूमिका दी, जिससे उनका फिल्मी करियर फिर से शुरू हुआ था।

• उनकी कहानी संघर्ष, और अपने काम से लगन से भरी हुई है। कभी हार न मानने वाले, हर हाल में हर परेशानी का सामना करने वाले के रूप में देखा जाता है।

एक टिप्पणी भेजें

1 टिप्पणियाँ

Advertisement

यह ब्लॉग खोजें